रोज़मर्रा
संतुलन: शरीर की समझ बढ़ाना
किसी तने पर चढ़ना, हिलती-डुलती चीज़ों पर चलना: रोज़मर्रा की चीज़ों से किए संतुलन के अभ्यास कुत्तों को ज़्यादा आत्मविश्वासी, एकाग्र और शांत बनाते हैं।
किसी नीचे तने पर चलना, अगले पंजे किसी बड़े पत्थर पर रखना, किसी मज़बूत बक्से पर खड़ा होना: ऐसे छोटे-छोटे संतुलन के अभ्यास आपके कुत्ते की शरीर की समझ को निखारते हैं। वह अपने पंजों को सोच-समझकर इस्तेमाल करना, ध्यान लगाना और नई चीज़ों का हिम्मत से सामना करना सीखता है। आत्मविश्वासी कुत्तों को भी इससे फ़ायदा होता है।
रोज़मर्रा की चीज़ों का इस्तेमाल
आपको महँगे साज़ो-सामान की ज़रूरत नहीं। बाहर रास्ते में नीची दीवारें, पेड़ों के तने, बड़े पत्थर या फुटपाथ का किनारा काम आते हैं। बस इतना ज़रूरी है कि ज़मीन सुरक्षित हो, ज़्यादा फिसलन भरी न हो और आपका कुत्ता खुद को चोट न पहुँचा सके। हमेशा नीची और मज़बूत जगह से शुरू करें।