स्वास्थ्य
गर्मियों की तपिश: अपने कुत्ते को ऐसे बचाएँ
कुत्तों को पसीना मुश्किल से आता है – इस तरह ज़्यादा गरमाहट से बचाएँ और लू (हीट स्ट्रोक) को समय रहते पहचानें।
कुत्तों को मुश्किल से पसीना आता है: वे अपना तापमान लगभग सिर्फ़ हाँफने से ही काबू में रखते हैं। इसीलिए गर्मी उन्हें हमसे कहीं ज़्यादा परेशान करती है – ख़ासकर छोटी नाक वाली नस्लों, बूढ़े, ज़्यादा वज़न वाले और दिल के रोगी कुत्तों को। गर्म दिनों में सैर को सुबह जल्दी और देर शाम में कर दें, और दोपहर में छाँव में या घर के अंदर रहें।
पंजों का ध्यान रखें: धूप में डामर 50 डिग्री से भी ज़्यादा गरम हो जाता है। एक आसान जाँच – अपने हाथ का पिछला हिस्सा पाँच सेकंड ज़मीन पर रखें। अगर यह आपके लिए बहुत गरम है, तो यह आपके कुत्ते के पंजों के लिए भी गरम है। बाहर और घर पर हमेशा ताज़ा पानी का इंतज़ाम रखें; ठंडक के लिए छाँव वाली जगहें, कूलिंग मैट या एक उथला पानी का टब अच्छे रहते हैं।
गर्मियों में अपने कुत्ते को कभी गाड़ी में अकेला न छोड़ें – «बस थोड़ी देर» के लिए भी नहीं और खिड़की खुली रखकर भी नहीं। बाहर सिर्फ़ 20 डिग्री तापमान पर भी गाड़ी के अंदर कुछ ही मिनटों में जानलेवा गर्मी हो जाती है। अगर आपको किसी गरम गाड़ी में कोई कुत्ता दिखे, तो पुलिस को ख़बर करें।